बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली में अब बाइक सवारों को हेलमेट न लगाने की सजा सिर्फ चालान या जुर्माने तक सीमित नहीं रहेगी। परिवहन विभाग ने एक अनोखी और सख्त पहल शुरू की है, जिसके तहत शहर के 18 प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों से एक AI आधारित डिवाइस जोड़ी जाएगी। यह डिवाइस बिना हेलमेट वाले बाइक चालकों की नंबर प्लेट स्कैन करेगा और चौराहे पर लगे लाउडस्पीकर से सार्वजनिक रूप से उनका नाम पुकारकर फजीहत करेगा। उद्देश्य साफ है – सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकना और हेलमेट पहनने की आदत को जबरदस्ती बढ़ावा देना।
AI डिवाइस कैसे काम करेगी?
आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने मीडिया रिपोर्टर को बताया कि यह डिवाइस महज 10 हजार रुपये की लागत से तैयार की गई है। सीसीटीवी कैमरा बिना हेलमेट वाले चालक की बाइक की नंबर प्लेट को स्कैन करेगा। जैसे ही नंबर प्लेट मिलेगी, AI डिवाइस तुरंत चालक का नाम (जो वाहन रजिस्ट्रेशन में दर्ज है) लाउडस्पीकर पर उच्चारित करेगा। मिसाल के तौर पर, अगर बाइक पिता के नाम पर है और बेटा बिना हेलमेट चलाकर जा रहा है, तो चौराहे पर पिता का नाम ही गूंजेगा।
यह फजीहत इतनी प्रभावी होगी कि लोग सार्वजनिक शर्मिंदगी से बचने के लिए खुद-ब-खुद हेलमेट लगाना शुरू कर देंगे। विभाग ने इस पहल के लिए 1.80 लाख रुपये का बजट भी आरक्षित कर लिया है। यातायात पुलिस के साथ समन्वय बनाकर जल्द ही इन 18 चौराहों पर डिवाइस लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पहले के अभियान कामयाब रहे, लेकिन आदत नहीं बदली
परिवहन विभाग ने पिछले महीने ‘नो हेलमेट – नो पेट्रोल’ अभियान चलाया था। इसके अलावा महीनेभर विशेष चेकिंग अभियान भी चला। चौराहों पर सीसीटीवी से कैद तस्वीरों के आधार पर भी चालान काटे गए, लेकिन बिना हेलमेट के बाइक चलाने वाले अभी भी धड़ल्ले से निकल रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि चालान और जुर्माने से आदत नहीं बदल रही, इसलिए अब सार्वजनिक फजीहत का सहारा लिया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा समिति का नवाचार
प्रणव झा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए विभाग की ग्राम सड़क सुरक्षा समिति का यह नवाचार काफी सफल रहा है, जिसे अब प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है। इसी कड़ी में AI आधारित डिवाइस तैयार की गई है। हेलमेट न लगाने वाले बाइक सवारों को अब चौराहों पर ही सार्वजनिक रूप से जलालत झेलनी पड़ेगी। इससे न सिर्फ हेलमेट पहनने की आदत बढ़ेगी, बल्कि दुर्घटनाओं में होने वाली असमय मौतों को भी काफी हद तक रोका जा सकेगा।
शहर में मिश्रित प्रतिक्रिया
यह खबर सुनते ही शहर में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसे बहुत अच्छा कदम बता रहे हैं और कह रहे हैं कि फजीहत से बचने के लिए लोग खुद-ब-खुद हेलमेट लगाना शुरू कर देंगे। वहीं कुछ लोग इसे निजता का हनन और शर्मिंदगी का तरीका बता रहे हैं। लेकिन परिवहन विभाग का रुख साफ है – सड़क सुरक्षा सबसे ऊपर है और इसके लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
यह पहल बरेली को सड़क सुरक्षा के मामले में नया मॉडल बना सकती है। आने वाले दिनों में 18 चौराहों पर यह डिवाइस लगने के बाद बिना हेलमेट वालों की खैर नहीं रहेगी।

