बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने और ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट शुरू हो गया है। बरेली-बदायूं हाईवे चौड़ीकरण के तहत चौबारी तिराहा पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस फ्लाईओवर के बनने के बाद दिल्ली, नैनीताल और लखनऊ जाने वाले वाहन बरेली शहर में घुसे बिना ही सीधे रिंग रोड से निकल सकेंगे। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और यात्रियों को समय की बड़ी बचत होगी।
त्रिशूल हटाया, फ्लाईओवर निर्माण शुरू
चौबारी तिराहा पर रामगंगा पुल के आगे जो त्रिशूल स्थापित था, उसे हटा दिया गया है। त्रिशूल अब अखा मोड़ पर लगवा दिया गया है। त्रिशूल हटने के साथ ही फ्लाईओवर के लिए खोदाई और पिलर बनाने का काम शुरू हो चुका है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की देखरेख में कार्यदायी संस्था ने प्लांट लगाकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला ने बताया कि इंजीनियरों की निगरानी में काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही फ्लाईओवर जंक्शन बन जाएगा।
फ्लाईओवर से कैसे बदलेगी तस्वीर?
- दिल्ली और नैनीताल जाने वाले वाहन बाईं तरफ मुड़कर रिंग रोड से सीधे निकल जाएंगे।
- लखनऊ जाने वाले वाहन दाईं तरफ मुड़कर शहर के बाहर से ही गुजरेंगे।
- शहर के अंदर घुसने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
सेटेलाइट से बड़ा बाइपास तक यह मार्ग करीब 10-12 किलोमीटर है। फ्लाईओवर बनने के बाद यह दूरी महज 10-15 मिनट में तय हो जाएगी।
हाईवे को फोरलेन बनाने का बड़ा प्रोजेक्ट
बरेली से मथुरा तक सड़क मार्ग को फोरलेन (चार लेन) बनाने का काम तेजी से चल रहा है। कासगंज से बदायूं होते हुए बरेली तक का हिस्सा NHAI की देखरेख में है।
- बदायूं से बरेली तक: 650 करोड़ रुपये
- बदायूं बाइपास से कासगंज तक: 1,200 करोड़ रुपये
मलगांव, बिनावर, भमोरा और देवचरा जैसे इलाकों में रिंग रोड निर्माण के साथ मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण भी जारी है। पहले भमौरा और देवचरा के आसपास काम तेज था, अब चौबारी तिराहा पर भी गतिविधियां शुरू हो गई हैं।
यात्रियों और पर्यटन को मिलेगा फायदा
यह फ्लाईओवर और हाईवे चौड़ीकरण न केवल शहरवासियों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। एयरपोर्ट से शहर और आसपास के पर्यटन स्थलों (जैसे पीलीभीत टाइगर रिजर्व और चूका बीच) तक पहुंच आसान हो जाएगी। पर्यटकों को ज्यादा समय घूमने के लिए मिलेगा। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
बीडीए और NHAI की यह संयुक्त कोशिश बरेली को आधुनिक और सुगम यातायात वाला शहर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। शहरवासियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है, जो आने वाले महीनों में साकार हो रही है।

