धर्मांतरण का जाल: आशा नेगी का आखिरी कॉल- ‘बदर मुझे मारता है, बचा लो!’, भाई ने छांगुर बाबा गिरोह पर लगाए सनसनीखेज आरोप

Illegal Conversion Racket in Meerut: मेरठ की आशा नेगी 2018 से लापता है, उसकी आखिरी कॉल में उसने बदर सिद्दीकी पर मारपीट का आरोप लगाया। परिवार ने छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट से बदर के कनेक्शन का दावा किया। बदर ने प्रेमजाल और फर्जी पहचान से आशा का धर्म परिवर्तन करवाया।

Samvadika Desk
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बदर अख्तर (इमेज - सोशल मीडिया)
Highlights
  • आशा नेगी 2018 से लापता, आखिरी कॉल में बदर पर मारपीट का आरोप!
  • छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट से जुड़ा बदर सिद्दीकी फरार!
  • नोएडा में न्यूज़ चैनल कर्मी थी आशा, प्रेमजाल में फँसी!

मेरठ, उत्तर प्रदेश: मेरठ में एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ नोएडा में न्यूज़ चैनल की एचआर कर्मी आशा नेगी 2018 से लापता है। उसकी आखिरी कॉल में उसने अपनी माँ से कहा, “बदर मुझे मारता है, प्लीज़ बचा लो!” इसके बाद उसका फोन बंद हो गया और कोई सुराग नहीं मिला। आशा के भाई ने छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट के सदस्य बदर सिद्दीकी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस और ATS बदर की तलाश में जुटी है, और यह मामला 20 जुलाई 2025 तक सनसनी फैला रहा है।

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आशा की आखिरी कॉल

आशा नेगी के भाई की आँखें उस आखिरी कॉल को याद कर नम हो जाती हैं। 2018 में आशा ने काँपती आवाज़ में अपनी माँ से कहा, “मम्मी, बदर मुझे मारता है, बचा लो!” उसने वॉट्सऐप पर अपने जख्मों की तस्वीरें भेजीं, और फिर उसका नंबर बंद हो गया। तब से परिवार उसका इंतज़ार कर रहा है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

नोएडा से शुरू हुआ प्रेमजाल

आशा नेगी, जो नोएडा के एक बड़े न्यूज़ चैनल में एचआर की नौकरी करती थी, पढ़ी-लिखी और आत्मविश्वासी थी। उसकी मुलाकात मेरठ के बदर सिद्दीकी से हुई, जो खुद को जिम ट्रेनर बताता था। धीरे-धीरे दोनों की नजदीकियाँ बढ़ीं, और आशा ने परिवार की मर्ज़ी के खिलाफ बदर से शादी कर ली। परिवार का दावा है कि बदर ने आशा का धर्म परिवर्तन भी करवाया।

परिवार का टूटा भरोसा

जब परिवार को शादी और धर्मांतरण की खबर मिली, वे सदमे में थे। उन्हें उम्मीद थी कि आशा को समझाकर वापस लाया जा सकता है। लेकिन उस आखिरी कॉल ने सबकुछ बदल दिया। कॉल के बाद आशा का कोई पता नहीं चला, और परिवार की दुनिया उजड़ गई।

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पुलिस की जाँच बेनतीजा

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, आशा के परिवार ने सिविल लाइन थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। मेरठ के सरूरपुर थाने में भी बदर पर एक अन्य युवती, प्रिया, को धर्म परिवर्तन करवाकर शादी करने का आरोप है, जो भी लापता है। दोनों मामलों ने बदर को संदेह के घेरे में ला दिया।

छांगुर बाबा का कनेक्शन

छांगुर बाबा के धर्मांतरण रैकेट के खुलासे के बाद आशा का परिवार इसे उसी नेटवर्क से जोड़ रहा है। बदर सिद्दीकी, जो अब फरार है, इस रैकेट का हिस्सा हो सकता है। पुलिस और ATS उसकी तलाश में छापेमारी कर रही हैं। आशा के भाई ने कहा, “मेरी बहन कभी डरती नहीं थी, लेकिन उस दिन वह खौफ में थी। अगर वह जिंदा है, तो हम उसे ढूँढ निकालेंगे। अगर नहीं, तो सच जानना हमारा हक है।”

हिंदू संगठनों में आक्रोश

इस मामले ने मेरठ में हिंदू संगठनों में रोष पैदा कर दिया है। कार्यकर्ता सचिन सिरोही ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बदर की तत्काल गिरफ्तारी और लापता युवतियों को उनके परिजनों तक पहुँचाने की माँग की है। उनका कहना है कि यह धर्मांतरण का सुनियोजित जाल है।

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गहराता साजिश का जाल

छांगुर बाबा केस की परतें खुलने के साथ धर्मांतरण रैकेट की जड़ें और गहरी दिख रही हैं। यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक सौहार्द के लिए खतरा बन रहा है। पुलिस इस नेटवर्क की गहराई तक पहुँचने के लिए जाँच तेज कर रही है।

सामाजिक जागरूकता की जरूरत

आशा की कहानी प्रेमजाल, विश्वासघात और धर्मांतरण की साजिश को उजागर करती है। यह समाज से जागरूकता, परिवारों से बच्चों पर नजर और कड़े कानूनी कदमों की माँग करता है, ताकि ऐसी घटनाएँ न हों।

परिवार की उम्मीद

आशा के भाई ने कहा, “हमें बस सच चाहिए।” परिवार को उम्मीद है कि पुलिस और ATS बदर को पकड़कर आशा का पता लगाएगी। यह मामला समाज को सतर्क रहने और धार्मिक साजिशों से बचने का सबक देता है।

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