यूपी: छांगुर बाबा की ‘गर्लफ्रेंड’ नीतू उर्फ नसरीन, करोड़ों की संपत्ति की मालकिन, धर्मांतरण रैकेट की अहम कड़ी

UP News: बलरामपुर में यूपी ATS ने अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना छांगुर बाबा और उनकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया। तमिलनाडु की नीतू रैकेट की अहम कड़ी थी और 70 कमरों वाली कोठी की मालकिन थी, जिसे 8-9 जुलाई को बुलडोजर से ढहाया गया।

Samvadika Desk
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छांगुर बाबा और नीतू उर्फ नसरीन
Highlights
  • नीतू, तमिलनाडु की रहने वाली, थी रैकेट की अहम कड़ी!
  • ATS को मिले विदेशी फंडिंग और रैकेट के सबूत!
  • कोठी से संचालित होता था धर्मांतरण का नेटवर्क!

लखनऊ/बलरामपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में अवैध धर्मांतरण रैकेट के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा की गिरफ्तारी ने सनसनी मचा दी है। इस मामले में उसकी करीबी नीतू उर्फ नसरीन की भूमिका ने सबको हैरान किया है। नीतू, जो मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली है, छांगुर बाबा की ‘पत्नी’ की तरह रहती थी और बलरामपुर की 70 कमरों वाली आलीशान कोठी उसके नाम थी। यूपी ATS ने छांगुर, उसके बेटे महबूब, नीतू, और उसके पति नवीन उर्फ जमालुद्दीन को गिरफ्तार किया है। मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को इस कोठी पर बुलडोजर चला, और जांच में करोड़ों की संपत्ति और विदेशी फंडिंग का खुलासा हुआ।

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नीतू का छांगुर से जुड़ाव

नीतू उर्फ नसरीन मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली है और मुंबई में अपने पति नवीन वोहरा के साथ रहती थी। 2015 में वह छांगुर बाबा के संपर्क में आई, जब उसने बाबा को अपनी मानसिक परेशानियों और प्रेगनेंसी की दिक्कतों के बारे में बताया। छांगुर ने कथित तौर पर दवाइयाँ और एक ‘चमत्कारी’ अंगूठी देकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद नीतू बाबा की मुरीद बन गई और बार-बार उससे मिलने लगी।

धर्मांतरण और रैकेट में भूमिका

छांगुर बाबा ने 2015 में दुबई में नीतू और नवीन का धर्म परिवर्तन करवाया। नीतू नसरीन और नवीन जमालुद्दीन बन गए। उनकी नाबालिग बेटी को सबीहा नाम दिया गया। इसके बाद नीतू रैकेट की अहम सदस्य बन गई। वह गरीब हिंदू और सिख परिवारों को चमत्कार और आर्थिक मदद का लालच देकर बाबा के जाल में फँसाती थी। नवीन कर्ज देकर लोगों को मजबूर करता था। दोनों छांगुर के साथ मिलकर रैकेट चलाते थे।

करोड़ों की संपत्ति का खेल

ATS की जाँच में पता चला कि नीतू के नाम पर 8 बैंक खातों में 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की संदिग्ध रकम आई। नवीन के खातों में विदेश से 34 करोड़ रुपये ट्रांसफर हुए। इन पैसों से बलरामपुर, पुणे, और लखनऊ में संपत्तियाँ खरीदी गईं। बलरामपुर की 70 कमरों वाली कोठी, जो नीतू के नाम थी, रैकेट का मुख्य केंद्र थी। इस कोठी में लग्जरी गाड़ियाँ और शोरूम भी थे।

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बुलडोजर एक्शन

8 जुलाई 2025 को प्रशासन ने नीतू के नाम वाली कोठी पर 9 बुलडोजर चलाए, जिसमें 20 कमरे और एक बड़ा हॉल ढहाया गया। यह कोठी सरकारी जमीन पर अवैध थी। जाँच में पता चला कि छांगुर और नीतू इस कोठी से पूरे नेटवर्क को संचालित करते थे। बुलडोजर कार्रवाई 9 जुलाई को भी जारी रही।

लखनऊ में 70 दिन का ठिकाना

छांगुर और नीतू पिछले 70 दिन से लखनऊ के विकास नगर के एक होटल में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। ATS ने उन्हें यहीं से गिरफ्तार किया। होटल में धर्मांतरण से जुड़े दस्तावेज और ‘शिजर-ए-तैय्यबा’ किताब मिली। दोनों ने आधार कार्ड के जरिए कमरा बुक किया था।

विदेशी कनेक्शन

जाँच में खुलासा हुआ कि नीतू और नवीन 2014 से 2019 के बीच कई बार दुबई गए। 2015 में दुबई में धर्म परिवर्तन के बाद, 2021 में उनके परिवार ने भी इस्लाम कबूल किया और बलरामपुर कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया। ATS को विदेशी फंडिंग, खासकर खाड़ी देशों से, के सबूत मिले हैं, जिसकी गहन जाँच हो रही है।

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सामाजिक और कानूनी सवाल

यह मामला धार्मिक स्वतंत्रता, राष्ट्रीय सुरक्षा, और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल उठाता है। नीतू की कहानी दिखाती है कि कैसे एक साधारण महिला लालच और धोखे के जाल में फँसकर अपराध की दुनिया में शामिल हो गई। यह समाज से जागरूकता और सरकार से सख्त कार्रवाई की माँग करता है।

(ये जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

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