लखनऊ: यूपी के मदरसों की फंडिंग पर योगी सरकार की सख्ती, विदेशी पैसों के स्रोतों की होगी गहन जांच; संचालकों के निजी खातों पर भी नजर

UP News: योगी सरकार ने यूपी के मदरसों में आने वाली फंडिंग की जांच के लिए सख्त कदम उठाए हैं। विदेशी पैसों के स्रोतों की गहन जांच, संचालकों के निजी खातों की पड़ताल और आलीशान इमारतों के निर्माण स्रोत का पता लगाया जाएगा। एटीएस स्तर की SIT जांच कर रही है। अल्पसंख्यक मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सहयोग का भरोसा दिया। जांच से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और अवैध फंडिंग पर लगाम लगेगी।

Samvadika Desk
3 Min Read
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Highlights
  • मदरसों की फंडिंग पर योगी सरकार की बड़ी सख्ती!
  • विदेशी पैसों के स्रोतों की गहन जांच शुरू!
  • संचालकों के निजी बैंक खातों पर भी नजर!

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के मदरसों में आने वाली फंडिंग की जांच को लेकर बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने सभी मदरसों के वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच का मुख्य फोकस विदेशी फंडिंग के स्रोतों का पता लगाना है। साथ ही मदरसों के संचालकों और प्रबंधकों के निजी बैंक खातों की भी जांच होगी।

- Advertisement -

मीडिया रिपोर्ट के हवाले से सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह जांच केवल मदरसों तक सीमित नहीं रहेगी। सरकार यह भी देखेगी कि मदरसों के भवनों के निर्माण में कितना पैसा खर्च हुआ और उसका असली स्रोत क्या था। कई मामलों में आशंका जताई जा रही है कि कुछ मदरसों के पास आय का कोई स्पष्ट स्रोत नहीं है, फिर भी वे आलीशान इमारतों में चल रहे हैं। ऐसे मदरसों को विशेष रूप से जांच के दायरे में रखा गया है।

एटीएस स्तर की SIT कर रही जांच

जानकारी के मुताबिक, विदेशी फंडिंग से जुड़े मामलों की जांच एटीएस (एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड) स्तर की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है। राज्य सरकार ने सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग दें। खुफिया इकाइयों से इनपुट लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसे निदेशालय को भेजा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, प्रदेश में करीब 4,000 मदरसों में विदेशी फंडिंग होने की आशंका जताई जा रही है। सरकार का कहना है कि जांच का मकसद किसी भी तरह की संदिग्ध या अवैध फंडिंग पर रोक लगाना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

- Advertisement -

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बयान

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे एटीएस की जांच में पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को किसी भी तरह की मदद चाहिए तो विभाग हर संभव सहायता देगा। राजभर ने जोर देकर कहा कि जांच का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, न कि किसी समुदाय को निशाना बनाना।

जांच से क्या होगा?

  • मदरसों में आने वाली हर फंडिंग का स्रोत पता चलेगा
  • विदेशी पैसों का पूरा लेखा-जोखा सामने आएगा
  • संचालकों के निजी खातों की जांच से काला धन या गैरकानूनी लेन-देन का पता लगेगा
  • भवनों के निर्माण में खर्च और स्रोत की सच्चाई सामने आएगी

फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है। रिपोर्ट आने के बाद संदिग्ध मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला यूपी में मदरसों की फंडिंग को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का साफ संदेश है कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Share This Article