वाराणसी: 25 साल की शादी टूटी, पति ने जासूसी कर प्रेमी संग पकड़ी पत्नी, फिर मंदिर में कराई शादी

Varanasi News: वाराणसी में अरविंद ने 25 साल पुरानी शादी तोड़कर अपनी पत्नी रीना की शादी उसके प्रेमी सियाराम से मंदिर में कराई। जासूसी के बाद रीना को सियाराम के साथ पकड़ने पर दोनों पक्षों की सहमति से यह विवाह हुआ। मंदिर ने शादी का प्रमाणपत्र भी जारी किया।

Samvadika Desk
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पति ने प्रेमी से करायी पत्नी की शादी (इमेज - अमर उजाला)
Highlights
  • वाराणसी में पति ने 25 साल की शादी तोड़कर पत्नी की प्रेमी से कराई शादी!
  • मंदिर में सात फेरों के साथ रीना-सियाराम की शादी, प्रमाणपत्र जारी!
  • पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों की सहमति से हुआ विवाह!

वाराणसी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक पति ने अपनी 25 साल पुरानी शादी तोड़कर अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी। पत्नी की जासूसी के बाद पति ने उसे प्रेमी के साथ रंगे हाथ पकड़ा और फिर मंदिर में विधि-विधान से उनकी शादी कराई। इस अनोखी शादी का प्रमाणपत्र भी जारी हुआ, और यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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25 साल पुराना रिश्ता

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मिर्जापुर के अहिरौरा निवासी अरविंद कुमार पटेल और चंदौली के दुल्हीपुर की रीना देवी की शादी 25 साल पहले भारतीय परंपराओं के अनुसार हुई थी। दंपती के दो बच्चे हैं—एक बेटी, जिसकी शादी हो चुकी है, और 18 साल का बेटा। कुछ समय से अरविंद और रीना के बीच अनबन चल रही थी। इस तनाव के चलते रीना ने चंदौली के हमीदपुर में किराए का मकान ले लिया और वहाँ अकेले रहने लगी।

जासूसी और प्रेम संबंध का खुलासा

अरविंद को रीना के व्यवहार पर शक हुआ, जिसके बाद उसने अपनी पत्नी की जासूसी शुरू की। जासूसी के दौरान उसे पता चला कि रीना का 50 वर्षीय सियाराम यादव के साथ प्रेम संबंध है। एक दिन अरविंद ने रीना और सियाराम को एक कमरे में रंगे हाथ पकड़ लिया। इस खुलासे के बाद अरविंद ने अपने परिजनों और कुछ साथियों को बुलाया और फैसला लिया कि रीना और सियाराम की शादी करा दी जाए।

पुलिस और सहमति

जब इस मामले की खबर पुलिस तक पहुँची, तो दोनों पक्षों को चौकी बुलाया गया। वहाँ अरविंद, रीना, और सियाराम के बीच लंबी बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि रीना और सियाराम की शादी करा दी जाए। इसके बाद वाराणसी के बीरभानपुर मोहन सराय स्थित एक मंदिर में शादी की तैयारियाँ शुरू हुईं।

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मंदिर में सात फेरे

मंदिर में अरविंद और सियाराम के परिजनों की मौजूदगी में पंडित ने मंत्रोच्चार के साथ शादी संपन्न कराई। रीना और सियाराम ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, और सिंदूर दान की रस्म पूरी की। मंदिर की ओर से इस शादी का प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। इस अनोखे विवाह ने पूरे गाँव में हलचल मचा दी, और लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ कर रहे हैं।

दोनों पक्षों का बयान

रीना ने बताया कि वह सियाराम को पिछले 20 साल से जानती है। सियाराम ने कहा कि उसने रीना के मकान में ही दुकान खोली थी, जिसके कारण उनके बीच आना-जाना था। वहीं, अरविंद ने कहा कि रीना और सियाराम के बीच प्रेम संबंध था, इसलिए उसने दोनों की शादी कराने का फैसला किया। अरविंद का यह कदम उनकी उदारता और रिश्ते को खत्म करने की इच्छा को दर्शाता है।

सामाजिक और भावनात्मक सवाल

यह घटना रिश्तों में विश्वासघात, प्रेम, और सामाजिक स्वीकृति के सवाल उठाती है। अरविंद का अपनी पत्नी की जासूसी करना और फिर उसकी शादी कराना एक असामान्य निर्णय है, जो समाज में चर्चा का विषय बन गया है। यह मामला प्रेम संबंधों में पारदर्शिता, परिवार की सहमति, और बच्चों के भविष्य जैसे मुद्दों को उजागर करता है। साथ ही, यह समाज से रिश्तों में संवाद और समझ की जरूरत को रेखांकित करता है। इस अनोखी शादी ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा है, और यह एक नई सामाजिक बहस को जन्म दे रहा है।

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