ईरान ने अमेरिका को दी खुली चेतावनी – जलते फाइटर जेट, बहता खून और धुआं भरा युद्धपोत वाला भित्तिचित्र अनावरण

World News: ईरान ने तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर में अमेरिकी विमानवाहक पोत पर जलते फाइटर जेट, बहता खून और धुआं भरा भित्तिचित्र अनावरण किया। म्यूरल पर लिखा – “हवा बोओगे तो तूफान काटोगे”। यह चेतावनी USS अब्राहम लिंकन की ओर बढ़ते अमेरिकी जहाजों के बीच आई। ईरानी सेना ने “ट्रिगर पर उंगली रखी” कहा। प्रदर्शनों में हजारों मौतें, अमेरिका-ब्रिटेन ने फाइटर जेट तैनात किए। स्थिति 1979 क्रांति के बाद सबसे गंभीर।

Samvadika Desk
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Highlights
  • ईरान का अमेरिका को खुला चेतावनी वाला भित्तिचित्र अनावरण!
  • जलते F-35 और F/A-18, बहता खून – युद्धपोत पर भयावह म्यूरल!
  • “हवा बोओगे तो तूफान काटोगे” – तेहरान का संदेश!

तेहरान, ईरान: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ऐसे में तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर में एक विशाल भित्तिचित्र (म्यूरल) अनावरण किया गया है, जो अमेरिकी नौसेना को सीधे चुनौती देता नजर आता है। इस भित्तिचित्र में एक अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर (विमानवाहक पोत) को ऊपर से दिखाया गया है। डेक पर F-35 और F/A-18 जैसे फाइटर जेट आग पकड़कर जल रहे हैं, विस्फोट हो रहे हैं, शव बिखरे पड़े हैं और खून की धारें बह रही हैं – जो अमेरिकी झंडे की लाल धारियों जैसी दिखती हैं। पोत के चारों ओर घना धुआं छाया हुआ है। म्यूरल पर लिखा है: “अगर तुम हवा बोओगे, तो तूफान काटोगे।”

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यह भित्तिचित्र ऐसे समय अनावरण किया गया है, जब अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और उसके साथी युद्धपोत मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ये जहाज “एहतियात के तौर पर” भेजे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई हो सके। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सैन्य कार्रवाई हुई तो वह पिछले साल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों से कहीं ज्यादा बड़ी होगी। उन्होंने पिछले हमलों को “मूंगफली जैसा” करार दिया।

ईरान की सेना का जवाब – “ट्रिगर पर उंगली रखी हुई है”

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने शनिवार को सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना “पहले से कहीं ज्यादा तैयार है और ट्रिगर पर उंगली रखे हुए है।” एंगेलाब स्क्वायर ईरान में सरकारी संदेश और प्रतीकों के लिए मशहूर जगह है। यहां के म्यूरल अक्सर मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार बदलते रहते हैं।

प्रदर्शन, दमन और बढ़ती मौतें

ईरान में 28 दिसंबर को रियाल के गिरने से शुरू हुए प्रदर्शन पूरे देश में फैल गए थे। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच हुए। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनों के दौरान और बाद में हजारों लोगों की मौत हुई और दसियों हजार गिरफ्तार किए गए। ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी ने मौतों की संख्या 5,848 बताई है और 41,280 से अधिक गिरफ्तारियों का दावा किया है। ईरानी सरकार ने मौतों का आंकड़ा 3,117 बताया है और कई मृतकों को “आतंकवादी” करार दिया है। अतीत में भी ईरान पर मृतकों की संख्या कम बताने के आरोप लगते रहे हैं।

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अंतरराष्ट्रीय सैन्य हलचल तेज

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया है कि F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान अब मध्य पूर्व में तैनात हैं। ब्रिटेन ने भी कतर में अपने टाइफून फाइटर जेट्स “रक्षात्मक उद्देश्य” से भेजे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा हालात 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सबसे गंभीर आंतरिक संकट की याद दिलाते हैं। बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव और सैन्य गतिविधियां इस टकराव को और खतरनाक बना रही हैं।

ईरान का यह भित्तिचित्र न सिर्फ अमेरिका को सैन्य चेतावनी है, बल्कि घरेलू स्तर पर भी जनता को एकजुट करने का संदेश देता है। स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले दिनों में और घटनाक्रम सामने आ सकते हैं।

(ये जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

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