सतना: “लालमन” बना “अब्दुल”, बेटे-भतीजे के साथ चला रहा था धर्मांतरण रैकेट; मुंबई से मिली 9 लाख की फंडिंग, पुलिस ने किया पर्दाफाश

Illegal Religious Conversion Racket in Satna: सतना के झखौरा गांव में लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान, उसके बेटे विजय उर्फ मोहम्मद उमर और भतीजे दीनानाथ उर्फ अब्दुल्ला 15 साल से धर्मांतरण रैकेट चला रहे थे। घर पर मस्जिद जैसा गुंबद देखकर शक हुआ, पुलिस ने दबिश दी। मुंबई से 9 लाख फंडिंग का खुलासा, धार्मिक साहित्य बरामद। तीनों गिरफ्तार, जांच जारी।

Samvadika Desk
4 Min Read
आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया (इमेज - एनडीटीवी)
Highlights
  • लालमन से अब्दुल बना, धर्मांतरण रैकेट का मास्टरमाइंड पकड़ा!
  • बेटे-भतीजे संग 15 साल से चला रहा था कन्वर्जन गेम!
  • मुंबई से 9 लाख फंडिंग, सतना में बड़ा खुलासा!

सतना, मध्य प्रदेश: सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र के झखौरा गांव में पुलिस ने धर्मांतरण के एक बड़े और संगठित रैकेट का खुलासा किया है। मुख्य आरोपी 68 वर्षीय लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान, उसके बेटे विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर (32) और भतीजे दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुल्ला (42) को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये तीनों 15 साल पहले धर्म बदल चुके थे और गांव में दूसरों को भी लालच देकर धर्मांतरण करा रहे थे। मुंबई से पिछले एक साल में इनके खातों में करीब 9 लाख रुपये की फंडिंग आई थी।

- Advertisement -

घर की छत पर “मस्जिद जैसा गुंबद” देख हुआ शक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबकुछ तब खुला जब 15 दिन पहले लालमन ने अपने घर की छत पर मस्जिदनुमा गुंबद बनवा लिया। गांव के बीचोंबीच यह निर्माण देखकर ग्रामीणों का शक बढ़ गया। पुलिस को लगातार संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। आखिरकार सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने घर पर दबिश दी। तलाशी में विवादित धार्मिक साहित्य, झंडे, बैनर और लालमन द्वारा खुद लिखी एक किताब बरामद हुई, जो धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल की जा रही थी।

15 साल पुराना खेल: नाम बदले, पहचान छिपाई

पुलिस जांच में पता चला कि लालमन ने 15 साल पहले धर्म परिवर्तन कर अपना नाम अब्दुल रहमान रख लिया था। इसके बाद उसने बेटे का नाम मोहम्मद उमर और भतीजे का अब्दुल्ला रख दिया। ये तीनों मिलकर इलाके में लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित कर रहे थे। गांव वालों को लालच देकर या दबाव बनाकर वे धर्मांतरण करा रहे थे।

मुंबई कनेक्शन और 9 लाख की फंडिंग

बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ। पिछले 12 महीनों में मुंबई से ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए इनके खातों में करीब 9 लाख रुपये आए। पूछताछ में लालमन ने कबूला कि धार्मिक यात्रा के दौरान मुंबई में एक व्यक्ति से उसकी मुलाकात हुई थी, जो फंडिंग कर रहा था और कई बार झखौरा गांव भी आ चुका है। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए ये लोग नॉर्मल कॉल नहीं करते थे – सारी बातचीत व्हाट्सएप कॉल से होती थी।

- Advertisement -

पुलिस की कार्रवाई: तीनों जेल में

एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे ने मीडिया पत्रकार को बताया कि आरोपियों के पास से धार्मिक किताबें, मोबाइल और अन्य सामग्री बरामद हुई है। मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया गया है। साइबर सेल की मदद से मुंबई कनेक्शन और फंडिंग के मुख्य स्रोत तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनका पूरा नेटवर्क कितना बड़ा था और कितने लोगों का धर्मांतरण कराया गया।

सतना में यह घटना अल्पसंख्यक समुदाय और धर्मांतरण के मुद्दे पर नई बहस छेड़ रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे रैकेट को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। गांव में लोग सदमे में हैं कि उनके बीच इतने सालों से यह खेल चल रहा था और किसी को भनक तक नहीं लगी।

Share This Article