महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के उल्हासनगर में लव जिहाद और धार्मिक धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक 27 वर्षीय हिंदू युवती ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इमरान शेख नाम के व्यक्ति ने अपनी मुस्लिम पहचान छिपाकर ‘विजय’ का नाम बताकर उससे दोस्ती की, शादी की और बाद में जबरन इस्लामिक रीति-रिवाज थोपने शुरू कर दिए। महिला पर गोमांस (बीफ) खाने, बुर्का-हिजाब पहनने और हिंदू पूजा-पाठ छोड़ने का दबाव बनाया गया।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी इमरान शेख (33) और उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। कुल 7 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
धोखे की शुरुआत: ‘विजय’ बनकर की दोस्ती
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उल्हासनगर सेंट्रल पुलिस स्टेशन के अनुसार, साल 2019 में इमरान शेख, जो एक गैरेज में काम करता था, पीड़िता से मिला। उसने चालाकी से खुद को ‘विजय’ बताया। हिंदू नाम सुनकर महिला को कोई शक नहीं हुआ और दोनों के बीच दोस्ती गहरी होती गई।
उसी साल इमरान महिला को अपने पैतृक गांव (बिहार के भागलपुर जिले) ले गया। वहां पहुंचकर उसने अपनी असली पहचान खोली और मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार निकाह कर लिया। महिला को शुरू में लगा कि प्यार की शादी हुई है, लेकिन असलियत जल्द ही सामने आने लगी।
शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना
शिकायत में महिला ने बताया कि शादी के बाद उसके ससुराल वालों ने उसे बुर्का और हिजाब पहनने के लिए मजबूर किया। हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करने से सख्ती से मना किया गया। आरोप है कि इमरान और उसके परिवार ने उसे जबरन गोमांस खिलाने की कोशिश की। इमरान अक्सर हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करता था।
बच्चे के जन्म के बाद यह प्रताड़ना और बढ़ गई। महिला के अनुसार, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न (physical & mental harassment) का सिलसिला लगातार जारी रहा। जब महिला को पता चला कि इमरान की दूसरी शादी भी हो चुकी है, तो उसने विरोध किया। इमरान ने बिना किसी संकोच के कहा कि इस्लाम में बहुविवाह की इजाजत है और दूसरी महिला भी उसकी पत्नी है।
परिवार उल्हासनगर लौटने के बाद भी उत्पीड़न थमा नहीं। अंत में तंग आकर महिला ने 17 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
उल्हासनगर सेंट्रल पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर शंकर अवताड़े ने बताया कि महिला के विस्तृत बयान के आधार पर इमरान शेख, उसके भाई सलमान शेख, शाहबाज शेख और अन्य परिवारजनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराएं लगाई गई हैं:
- धारा 85: पति या रिश्तेदार द्वारा क्रूरता
- धारा 75(2): यौन उत्पीड़न
- धारा 299: धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना
- धारा 318(4): धोखाधड़ी
- धारा 351 और 352: आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान
इमरान समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
महाराष्ट्र का नया कानून और इस मामले का महत्व
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब महाराष्ट्र में महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता विधेयक हाल ही में पारित किया गया है। मार्च 2026 में विधानसभा से पास हुए इस बिल में शादी का झांसा देकर या धोखे से धर्मांतरण कराने पर 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
राज्यपाल ने इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेज दिया है। कानून लागू होने के बाद ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।
लव जिहाद की सच्चाई
यह मामला लव जिहाद की उन घटनाओं की कड़ी है, जिसमें पहचान छिपाकर प्यार का जाल बिछाया जाता है, शादी के बाद जबरन धर्म परिवर्तन और सांस्कृतिक बदलाव थोपा जाता है। महिला ने खुद को पूरी तरह धोखा खाया हुआ महसूस किया। उसकी शिकायत में साफ है कि शुरू से ही धोखा था और शादी के बाद उसकी धार्मिक स्वतंत्रता छीन ली गई।
पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। यह देखना होगा कि क्या इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था या नहीं।
युवतियों के लिए एक सबक
यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत घटना नहीं है। यह उन युवतियों के लिए चेतावनी है जो अंधेरे में प्यार के चक्कर में पड़ जाती हैं। पहचान की सत्यता जांचे बिना किसी के साथ गंभीर रिश्ता बनाने से पहले कई बार सोचना चाहिए।
महाराष्ट्र पुलिस की तेज कार्रवाई सराहनीय है। उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद सभी दोषियों को सख्त सजा मिलेगी और ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा।

