पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के नफरती बोल: असीम मुनीर की टू-नेशन थ्योरी से बढ़ा भारत-पाक तनाव

India-Pakistan Tension: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को चरम तनाव पर पहुँचा दिया है। आतंकियों ने धर्म के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया, जिसमें 26 बेगुनाह लोगों की मौत हुई। भारत ने सिंधु जल संधि निलंबित कर दी और अटारी-वाघा सीमा बंद कर दी। इस बीच पाक सेना प्रमुख असीम मुनीर ने टू-नेशन थ्योरी दोहराकर विवाद को और हवा दी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कश्मीर मुद्दा उठाया, जिससे माहौल और बिगड़ गया। भारत ने इसे पाकिस्तान की उकसावे की राजनीति बताया है।

Samvadika Desk
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Image - ISPR Official/Youtube | Pakistan army chief Asim Munir
Highlights
  • पहलगाम हमले ने भारत-पाक तनाव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया।
  • असीम मुनीर ने टू-नेशन थ्योरी दोहराकर विवाद को और भड़काया।
  • भारत ने सिंधु जल संधि निलंबित कर पाक को कड़ा संदेश दिया।
  • असीम मुनीर का बयान भारत के खिलाफ ‘गीदड़भभकी’ ।
  • वैश्विक समुदाय ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए भारत के साथ एकजुटता जताई।
  • आतंकवाद के खिलाफ भारत ने बिना समझौता किए कड़ा रुख अपनाया।

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) ने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया। इस भयावह हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए, जिसके बाद भारत ने कड़े कदम उठाए, जिनमें सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) का निलंबन और अटारी-वाघा सीमा बंद करना शामिल है। इस बीच, पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने एक बार फिर भड़काऊ बयान दिया, जिसमें उन्होंने टू-नेशन थ्योरी (Two-Nation Theory) को दोहराते हुए हिंदू-मुसलमान को अलग कौम बताया। साथ ही, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को उठाकर और भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाकर तनाव को और हवा दी।

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पहलगाम हमला: तनाव का केंद्र

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी आतंकी संगठन द रेज़िस्टेंस फ्रंट (TRF), जिसे लश्कर-ए-तैयबा का सहयोगी माना जाता है, ने ली। आतंकवादियों ने धार्मिक आधार पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों को निशाना बनाया, जिससे यह घटना धार्मिक और राष्ट्रीय संवेदनशीलता का मुद्दा बन गई। भारत ने इस हमले को अपनी संप्रभुता पर हमला बताते हुए त्वरित कार्रवाई की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब का दौरा रद्द कर सुरक्षा बैठक बुलाई और कहा: “इस जघन्य कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” गृह मंत्री अमित शाह ने पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की, और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने जाँच शुरू की।

असीम मुनीर का उकसावे वाला बयान

पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने शनिवार को एक समारोह में बयान दिया, जो भारत के खिलाफ उनकी आक्रामक रुख को दर्शाता है। उन्होंने कहा: “हिंदू और मुसलमान दो अलग-अलग कौमें हैं। चाहे धर्म हो, रीति-रिवाज हों, परंपराएँ हों, या सोच, दोनों में कोई समानता नहीं। टू-नेशन थ्योरी इसी सत्य पर आधारित है।” मुनीर ने आगे कहा: “पाकिस्तान हमें अनगिनत बलिदानों के बाद मिला है। हमारी सेना इसकी रक्षा के लिए किसी भी कुर्बानी से पीछे नहीं हटेगी।” यह बयान पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक तनाव के बीच आया, जिसने इसे और भड़काऊ बना दिया। मुनीर ने पहले भी इसी तरह के बयान दिए थे, और इस बार उनके शब्दों को भारत के खिलाफ ‘गीदड़भभकी’ (Empty Threats) के रूप में देखा जा रहा है।

शहबाज शरीफ का दोहरा चेहरा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहलगाम हमले पर बयान देते हुए एक ओर जांच में सहयोग की बात की, तो दूसरी ओर भारत पर बिना सबूत आरोप लगाए। उन्होंने कहा: “भारत ने पहलगाम हमले में बिना किसी सबूत के पाकिस्तान पर उँगली उठाई। हम एक ज़िम्मेदार देश हैं और निष्पक्ष जाँच में सहयोग को तैयार हैं।” लेकिन, शरीफ ने कश्मीर मुद्दे को फिर से उठाया और कहा: “पाकिस्तान कश्मीरियों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करता रहेगा। कश्मीर हमारे लिए गले की नस है।” सिंधु जल संधि पर भारत के कदमों को लेकर शरीफ ने धमकी दी: “अगर भारत ने पानी रोका, तो हम पूरी ताकत से जवाब देंगे।” उनके इस बयान को भारत ने उकसावे की कार्रवाई माना।

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भारत-पाक तनाव का इतिहास

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कोई नई बात नहीं है, लेकिन पहलगाम हमला इसे नए स्तर पर ले गया। 1947 के बँटवारे के बाद से टू-नेशन थ्योरी दोनों देशों के बीच विवाद का केंद्र रही है। पाकिस्तान ने बार-बार कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया, जबकि भारत इसे अपना आंतरिक मामला मानता है। पहलगाम हमले से पहले भी मुनीर ने टू-नेशन थ्योरी को दोहराया था, जिसे भारत ने हमेशा खारिज किया है। इस बार, उनके बयान को भारत के खिलाफ युद्ध भड़काने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

भारत की प्रतिक्रिया और वैश्विक मंच

भारत ने मुनीर और शरीफ के बयानों को “गैर-ज़िम्मेदाराना और उकसावे वाला” करार दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा: “पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा देता है और फिर पीड़ित बनने का नाटक करता है।” भारत ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक मंचों पर TRF और इसके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी, और सीमा पर चौकसी तेज़ कर दी। वैश्विक समुदाय ने भी हमले की निंदा की, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, और फ्रांस ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई।

संवेदनशील समय में ज़िम्मेदारी की ज़रूरत

पहलगाम हमला एक राष्ट्रीय त्रासदी है, जिसने भारत को आतंकवाद के खिलाफ और मज़बूती से खड़ा किया है। मुनीर और शरीफ के बयानों ने इस दुखद समय में तनाव को और बढ़ाया है। दोनों देशों के बीच शांति के लिए ज़िम्मेदाराना व्यवहार और संवाद की ज़रूरत है। पाकिस्तान के नेताओं के भड़काऊ बयान न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुँचाते हैं, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता को भी खतरे में डालते हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में कोई समझौता नहीं करेगा।

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