लखनऊ, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 18 लाख 78 हजार 726 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 944.55 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) किया। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 की है। इस मौके पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि पिछली सरकारों में परिवारवाद और भ्रष्टाचार के कारण छात्रवृत्ति जैसी योजनाएं गरीब बच्चों तक नहीं पहुंच पाती थीं। उन्होंने कहा, “12 बजे तक सोकर उठने वाले बबुआ को गरीबों के बच्चों की पढ़ाई की चिंता कहां थी?”
डीबीटी से खत्म हुआ भ्रष्टाचार का खेल
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि जब सरकार की नीयत साफ होती है और नीति स्पष्ट होती है, तब भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना संभव होता है। पहले छात्रवृत्ति कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाती थी – कभी सरकार की नीयत खराब होती थी, कभी परिवारवाद आड़े आता था, तो कभी विभागीय भ्रष्टाचार के कारण पैसा छात्रों तक नहीं पहुंचता था। आज डीबीटी के जरिए एक क्लिक में सभी वर्गों के करीब 19 लाख छात्रों के खातों में पैसा पहुंच रहा है, बिना किसी भेदभाव के।
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बड़ी सौगात
यह कार्यक्रम गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वंचित को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता” के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे। तकनीक के माध्यम से ई-गवर्नेंस को ईजी गवर्नेंस में बदला गया है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
छात्रों की सफलता की कहानियां सुनाईं
मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति से लाभान्वित होकर सफल हुए छात्रों की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम में कंप्यूटर सहायक बनी एक छात्रा का उदाहरण दिया और कहा कि बेटियों का स्वावलंबी होना सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ऐसी ही योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बना रही हैं।
शिक्षा ढांचे में ऐतिहासिक सुधार
योगी ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से परिषदीय विद्यालयों की स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब विद्यालयों में भवन, शिक्षक, सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध है। आंगनबाड़ी केंद्रों में प्री-प्राइमरी शिक्षा, पोषण मिशन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय और कम्पोजिट स्कूलों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को सशक्त किया गया है। अभ्युदय कोचिंग योजना के तहत नीट, जेईई और यूपीएससी की तैयारी की सुविधा दी जा रही है। स्किल डेवलपमेंट, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हर गांव में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और मेरठ में मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को लाभ पहुंचाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सब “राष्ट्र प्रथम” की भावना से संभव हुआ है, न कि “परिवार प्रथम” की सोच से। छात्र-छात्राएं ही विकसित भारत का भविष्य हैं और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास करती रहेगी।
इस अवसर पर पंचायती राज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओम प्रकाश राजभर, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी और एससी/एसटी कमीशन के अध्यक्ष बैजनाथ रावत उपस्थित रहे।
यह छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम योगी सरकार की शिक्षा और सामाजिक न्याय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। DBT के जरिए पारदर्शी तरीके से राशि पहुंचने से भ्रष्टाचार का खेल खत्म हुआ है और गरीब छात्रों को समय पर सहायता मिल रही है।

