मथुरा, उत्तर प्रदेश: मथुरा के नरहौली में शादी समारोह के दौरान एक अनोखा और तनावपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। वरमाला की रस्म पूरी होने के बाद दुल्हनों ने शादी की बाकी रस्में रोक दीं और तपती धूप में सड़क पर धरना दे दिया। उनका कहना था कि डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान हुआ है, इसलिए न्याय मिलने तक शादी आगे नहीं बढ़ेगी। कई घंटों की पंचायत और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद उनकी शर्तें मानी गईं, तब जाकर शाम को फेरे हो सके। इस दौरान दूल्हे सोफों पर खर्राटे भरते रहे और बारात बिना दुल्हन के रात गुजारने को मजबूर हुई।
बरात के दौरान हुआ विवाद
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, नरहौली चौराहे पर बुधवार रात बरात के दौरान विवाद और पथराव हो गया। इससे माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। पूरी रात पंचायत और प्रशासनिक स्तर पर बातचीत चलती रही। क्षतिग्रस्त हुए ट्रैक्टर को नया दिलाने और तारसी चौकी इंचार्ज नितिन राठी के खिलाफ कार्रवाई की माँग को लेकर दुल्हन पक्ष के लोगों ने शादी की रस्में आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
एडीएम और एसडीएम की कई बार बातचीत
एडीएम एफआर डॉ. पंकज कुमार, एसडीएम सदर आदेश कुमार, एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, एसपी सिटी राजीव कुमार सिंह, सीओ रिफाइनरी अनिल कुमार कपरवान की कई बार स्वजन के साथ बातचीत हुई। कई बार बात बनी, लेकिन फिर बिगड़ गई। एडीएम एफआर ने स्वजन को एजेंसी से क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर बदलकर नया दिलाने का आश्वासन देकर मनाया।
सुबह साढ़े पांच बजे हुई वरमाला
इसके बाद गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रशासन की मौजूदगी में वरमाला की रस्म कराई गई। लेकिन बाद में मामला फिर उलझ गया। दुल्हनों लक्ष्मी और पूनम ने शादी की बाकी रस्में करने से इनकार कर दिया। सुबह 11 बजे दोनों स्वजन के साथ तपती धूप में सड़क पर धरने पर बैठ गईं। उनका कहना था कि बरात में डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर तोड़कर उनका अपमान किया गया है। जब तक सम्मानपूर्वक दोबारा बरात नहीं चढ़ेगी, तब तक वे फेरे नहीं लेंगी।
कई घंटे चली पंचायत
कई बार हुई पंचायतों के बाद दुल्हनों ने प्रशासन और पंचायत के सामने शर्त रखी कि दोबारा बरात निकलेगी। इसमें सभी लोगों के हाथों में डॉ. आंबेडकर की तस्वीर होगी। साथ ही डीजे पर उनके गीत बजाए जाएंगे। इस माँग को लेकर कई घंटे तक पंचायत चलती रही। गाँव के लोग, वर और वधू पक्ष के लोग और प्रशासनिक अधिकारी समझौते की कोशिश में जुटे रहे।
माहौल शांत होने के बाद हुए फेरे
माहौल एक बार फिर गर्माने लगा तो पुलिस और प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। काफी समझाइश और बातचीत के बाद प्रशासन ने दुल्हनों की माँग मान ली। एसडीएम ने कहा कि दुल्हनों की डोली डीजे के साथ उठाई जाएगी। इसके बाद माहौल शांत हुआ और शाम करीब चार बजे दोनों दुल्हनों ने विवाह के फेरे लिए। स्वजन ने कन्यादान किया। पूरे घटनाक्रम को लेकर दिन भर क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही।
दूल्हों ने सोफों पर गुजारी रात
नरहौली में बरात के दौरान हुए विवाद और पथराव ने शादी की खुशियों को पूरी तरह तनाव में बदल दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि दूल्हों और बरातियों के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। हालात ऐसे बने कि दूल्हे अशोक और कुलदीप थकान के कारण शादी की रस्मों का इंतजार करते हुए सोफों पर ही सो गए, जबकि कई बरातियों ने दहेज के सामान के बीच पर रात बिताई। गुरुवार तड़के तक शादी को लेकर असमंजस बना रहा। बरातियों को यह भी पता नहीं था कि शादी होगी या नहीं।
सामाजिक और प्रशासनिक प्रभाव
यह घटना दिखाती है कि शादी जैसे मौके पर छोटी-छोटी बातें कितना बड़ा विवाद पैदा कर सकती हैं। प्रशासन और पंचायत की सक्रियता से मामला शांत हुआ, लेकिन इससे स्थानीय स्तर पर सामाजिक सद्भाव पर सवाल उठ गए हैं। पुलिस और प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की जाँच कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

