बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और बड़ी संख्या में जाली कागजात व उपकरण बरामद किए हैं। गिरोह का सरगना उत्तराखंड के नानकमत्ता से बैठकर पूरा नेटवर्क चला रहा था। इस गिरोह ने ‘आस्था जनसेवा केंद्र’ का बोर्ड लगाकर लोगों को फर्जी आधार कार्ड, जाति-निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनाकर ठगा।
आर्मी इंटेलीजेंस की सूचना पर छापा
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, आर्मी इंटेलीजेंस की मिली सूचना पर शुक्रवार को पुलिस ने अमित कुमार, ललित कुमार और भारत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि यह केंद्र पंजीकृत नहीं था। वहाँ से फर्जी 67 आधार कार्ड, 18 आधार इनरोलमेंट फार्म, तीन जाति प्रमाण पत्र, छह निवास प्रमाण पत्र, चार जन्म प्रमाण पत्र, दो लैपटॉप, दो प्रिंटर, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर, दो पेन ड्राइव और रबर पर बने अंगूठे के क्लोन बरामद किए गए।
विक्रांत से मुलाकात के बाद शुरू हुआ धंधा
आरोपियों ने स्वीकार किया कि कुछ समय पहले विक्रांत से मुलाकात हुई तो उसने फर्जी कागज बनाने का तरीका बताया। इसके बाद जनसेवा केंद्र खोलकर लोगों से आवेदन लेने शुरू कर दिए। आवेदकों के कागज बनाने के लिए विक्रांत से फोन पर बात की जाती थी। वह एनीडेस्क एप्लीकेशन के जरिए उनके लैपटॉप का एक्सेस अपने पास लेकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर देता था।
फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और कूटरचित कागजात के आरोप
सभी आरोपियों के विरुद्ध फर्जीवाड़ा, कूटरचित कागज तैयार करने, धोखाधड़ी आदि धाराओं में प्राथमिकी लिखी गई है। पुलिस अब पूरे गिरोह की जाँच कर रही है। सरगना विक्रांत की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
इलाके में सनसनी
यह घटना बरेली में सनसनी मचा रही है। लोग फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह की गतिविधियों पर चर्चा कर रहे हैं। अभिभावक अब सरकारी दस्तावेजों की सत्यता जाँचने पर ज्यादा ध्यान देने लगे हैं।
पुलिस की जाँच जारी
पुलिस का कहना है कि जाँच जारी है और अगर कोई और आरोपी सामने आया तो उसकी भी गिरफ्तारी की जाएगी। यह गिरोह लंबे समय से फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को ठग रहा था।
सामाजिक प्रभाव
यह मामला सरकारी दस्तावेजों के फर्जीवाड़े और डिजिटल सुरक्षा की कमियों को उजागर करता है। बरेली पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि ऐसे गिरोह इतने लंबे समय तक कैसे सक्रिय रह सकते हैं।

