लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘मिशन जीरो पावर्टी’ को एक मिशन से बढ़कर सामाजिक संकल्प बना दिया है। यह अभियान न केवल गरीबी को कम करने का प्रयास है, बल्कि गरीबी के चक्र को स्थायी रूप से तोड़ने का एक क्रांतिकारी मॉडल है। इसका उद्देश्य है कि राज्य का हर एक गरीब परिवार—चाहे वह ग्रामीण हो या शहरी—बुनियादी सुविधाओं जैसे स्वच्छ रसोई गैस, शौचालय, नल का पानी, बिजली, शिक्षा, आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं से पूरी तरह आच्छादित हो। पहले चरण में सात प्रमुख योजनाओं के माध्यम से लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया गया था, लेकिन अब दूसरे चरण में अभियान को और अधिक व्यापक, समावेशी और प्रभावी बनाया गया है।
पहले चरण की सफलता: सात योजनाओं ने बदली तस्वीर
मिशन जीरो पावर्टी का पहला चरण 7 प्रमुख केंद्रीय और राज्य योजनाओं पर केंद्रित था, जिनके माध्यम से गरीब परिवारों की पहचान की गई और उन्हें तत्काल राहत दी गई। इनमें शामिल थे:
- मुफ्त राशन कार्ड – खाद्य सुरक्षा
- दिव्यांग पेंशन – विकलांगों को आर्थिक सहारा
- विधवा पेंशन – अकेली महिलाओं का सम्मान
- वृद्धावस्था पेंशन – बुजुर्गों की देखभाल
- प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि – किसानों को 6,000 रुपये सालाना
- प्रधानमंत्री आवास योजना – पक्का मकान
- आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना – 5 लाख तक का मुफ्त इलाज
इन योजनाओं के जरिए लाखों परिवारों को पहली बार सरकारी सहायता मिली। कई गांवों में पहली बार पक्के मकान बने, बुजुर्गों को पेंशन मिली, और गरीबों को मुफ्त इलाज का अधिकार मिला।
दूसरा चरण: जीवन की हर बुनियादी जरूरत को पूरा करना
अब दूसरे चरण में सरकार ने उन सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को आसान और सम्मानजनक बनाती हैं। इसमें शामिल हैं:
| योजना | लाभ | उद्देश्य |
|---|---|---|
| प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना | मुफ्त गैस कनेक्शन + सब्सिडी | महिलाओं को धुएं से मुक्ति, स्वच्छ रसोई |
| स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) | घर में शौचालय | खुले में शौच मुक्त गांव |
| जलजीवन मिशन | हर घर नल से जल | स्वच्छ पेयजल, बीमारियों से बचाव |
| सौभाग्य योजना | मुफ्त बिजली कनेक्शन | हर घर में रोशनी |
| मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना | 15,000 रुपये तक की मदद | बेटियों की शिक्षा और विकास |
| अटल आवासीय विद्यालय | अनाथ बच्चों को आवास + शिक्षा | आत्मनिर्भरता की नींव |
| बाल सेवा योजना | अनाथ बच्चों को पेंशन + सहायता | कोई बच्चा भूखा न सोए |
अटल आवासीय विद्यालय: अनाथ बच्चों का नया घर
इस अभियान का एक भावुक और क्रांतिकारी हिस्सा है अटल आवासीय विद्यालय योजना। इसके तहत निराश्रित, अनाथ और गरीब बच्चे को मुफ्त आवास, भोजन, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीएम योगी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि हर अनाथ बच्चे का बाल सेवा योजना में नामांकन हो और उसे स्कूल में दाखिला मिले। यदि कोई बच्चा स्कूल से बाहर है, तो तत्काल नामांकन कराया जाए।
“कोई बच्चा सड़क पर न सोए, कोई बेटी पढ़ाई से वंचित न रहे—यह हमारा संकल्प है।” – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
गरीबी की पहचान: तीन स्तंभों पर आधारित मॉडल
सरकार ने गरीबी की पहचान के लिए एक वैज्ञानिक और समग्र मॉडल अपनाया है, जो तीन मुख्य स्तंभों पर टिका है:
- डेमोग्राफी – परिवार की संरचना, उम्र, लिंग, विकलांगता
- संपत्ति स्वामित्व – जमीन, मकान, पशु, वाहन आदि
- शिक्षा और रोजगार क्षमता – युवाओं की पढ़ाई और स्किल
इनके आधार पर सर्वे किया जा रहा है। विशेष ध्यान उन परिवारों पर है:
- जिनके पास खेती की जमीन नहीं
- जिनका मकान कच्चा है
- जिनमें बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग या अनाथ हैं
- जिनके युवा बेरोजगार या अशिक्षित हैं
जमीनी स्तर पर 100% कवरेज: अधिकारियों को जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर के सभी अधिकारियों को 100% कवरेज का लक्ष्य दिया है। इसके लिए:
- डिजिटल डैशबोर्ड से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
- ग्राम सभाओं में सूची सत्यापन
- लाभार्थी परिवारों का फोटो और आधार लिंक
- शिकायत निवारण के लिए हेल्पलाइन
कोई भी पात्र परिवार छूटे, इसके लिए दरवाजे-दरवाजे सर्वे चल रहा है।
महिलाओं और बेटियों पर खास फोकस
- उज्ज्वला: धुएं से मुक्ति, स्वास्थ्य सुरक्षा
- कन्या सुमंगला: जन्म से 12वीं तक 15,000 रुपये
- शौचालय: महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा
- आयुष्मान भारत: मुफ्त इलाज, खासकर मातृ-शिशु स्वास्थ्य
श्रमिकों और किसानों को भी सौगात
- निर्माण श्रमिकों की बेटी की शादी के लिए 65,000 रुपये
- अंतर्जातीय विवाह के लिए 75,000 रुपये
- किसान सम्मान निधि से सालाना 6,000 रुपये
गरीबी का अंत, आत्मनिर्भरता की शुरुआत
योगी सरकार का यह मिशन केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नींव है। यह न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए गरीबी उन्मूलन का मॉडल बनने जा रहा है।
सीएम योगी का संदेश:
“हमारा लक्ष्य है कि उत्तर प्रदेश का कोई भी बच्चा भूखा न सोए, कोई मां धुएं में खाना न बनाए, कोई बुजुर्ग बिना पेंशन के न रहे, और हर घर में रोशनी, पानी और सम्मान हो।”
आगे की राह
- नवंबर 2025 तक दूसरा चरण पूरा
- दिसंबर में तीसरा चरण शुरू – रोजगार और कौशल विकास
- 2027 तक यूपी को गरीबी मुक्त प्रदेश बनाने का लक्ष्य
यह मिशन केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। योगी सरकार ने साबित कर दिया है कि संकल्प हो तो असंभव भी संभव है। अब हर गरीब का घर रोशन होने की बारी है।

