हरदोई, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में धर्मांतरण को लेकर एक नया मामला सामने आया है, जो इलाके में तनाव पैदा कर रहा है। सांडी थाना क्षेत्र के भावपुरवा गांव में एक मकान के अंदर चंगाई सभा का बहाना बनाकर गरीब परिवारों को पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश में जुटे आठ लोगों को पुलिस ने दबोच लिया। घटनास्थल पर मोमबत्ती जलाई गई थी और बाइबिल रखी हुई थी, जो संदिग्ध गतिविधियों का संकेत दे रही थी। इस बीच बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की भीड़ भी पहुंच गई और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी को हिरासत में ले लिया।
संदिग्ध चंगाई सभा: पैसे का लालच देकर परिवर्तन का जाल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना रविवार शाम को भावपुरवा गांव के एक साधारण से मकान में घटी। ग्रामीण आदमपुर के निवासी आदर्श ने सबसे पहले संदेह जताया। उन्होंने बताया कि भाऊपुरखा गांव का लाल सिंह उर्फ लालू लोगों को इकट्ठा कर चंगाई सभा का आयोजन कर रहा था। इस सभा में मोमबत्ती जलाकर प्रार्थना की जाती थी, और गरीब परिवारों को आर्थिक मदद का वादा करके धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। आदर्श ने तुरंत सांडी थाने को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस की टीम गांव पहुंची।
मौके पर पहुंची पुलिस को एक कमरे में कई लोग जमा मिले। कमरे के बीच में एक मोमबत्ती धीमी रोशनी फैला रही थी, और पास ही एक बाइबिल रखी हुई थी। यह दृश्य साफ बता रहा था कि यहां कोई धार्मिक आयोजन हो रहा था, लेकिन पीड़ितों के बयानों से पता चला कि लालच का खेल चल रहा था। सभा में मौजूद लोग मुख्य रूप से गरीब तबके से थे, जिन्हें नकद मदद या रोजगार का लालच दिया जा रहा था। पुलिस ने तुरंत पूछताछ शुरू की, लेकिन उसी वक्त बजरंग दल के कार्यकर्ता भी खबर लगने पर गांव पहुंच गए।
हंगामा और गिरफ्तारी: बजरंग दल की दखल से बिगड़ा माहौल
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सभा को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि यह सभा धर्मांतरण का सुनियोजित षड्यंत्र है, और गरीबों को भ्रमित किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ते ही हंगामा मच गया – चीखें, बहस और धक्कामुक्की की नौबत आ गई। स्थिति बेकाबू होती देख पुलिस ने फोर्स बढ़ा ली। उन्होंने न केवल सभा को तितर-बितर किया, बल्कि आठ संदिग्धों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार लोगों में विभिन्न जिलों के निवासी शामिल हैं। इनमें फर्रुखाबाद के नंगला कलार गांव का टिंकू, कन्नौज के खवरिया गांव का कश्मीर, कन्नौज के बक्शीपुरवा का रामसिंह, कन्नौज के चौधरियापुर बंगला का रामशंकर, हरदोई के गुलाबपुरवा का रामशंकर, हरपालपुर (हरदोई) के बासी गांव का राहुल, बिलग्राम (हरदोई) के धनसरी गांव का छोटेलाल और सांडी (हरदोई) के कुबेरपुर गांव का मदनपाल शामिल हैं। ये सभी चंगाई सभा के आयोजकों और सहयोगियों के रूप में पहचाने गए। पुलिस ने उनके पास से कुछ नकद राशि और प्रचार सामग्री भी बरामद की।
पुलिस का सख्त रुख: कानून के तहत कार्रवाई, जांच जारी
सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत सभी आठों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। “यह मामला बेहद गंभीर है। हम गहन जांच कर रहे हैं, जिसमें सभा में मौजूद लोगों के बयान, वित्तीय लेन-देन और आयोजन के पीछे का नेटवर्क भी शामिल है। ऐसी अवैध गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर सख्त सजा सुनिश्चित की जाएगी।”
घटना के बाद भावपुरवा गांव में तनाव का माहौल है। स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं, और बजरंग दल ने इलाके में जागरूकता अभियान तेज करने की बात कही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है, जहां लालच या दबाव के जरिए परिवर्तन की कोशिशें थमने का नाम नहीं ले रही। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

