जौनपुर: 75 साल के दूल्हे की 35 की दुल्हन के साथ कोर्ट मैरिज, सुहागरात के बाद मौत, भतीजों ने रुकवाया अंतिम संस्कार

Jaunpur News: जौनपुर के कुछमुछ गांव में 75 साल के संगरू राम ने 35 की मनभावती से कोर्ट मैरिज और मंदिर में शादी की। सुहागरात के बाद संगरू की अचानक मौत ने हड़कंप मचा दिया। दिल्ली के भतीजों ने अंतिम संस्कार रुकवाकर जांच की मांग की।

Samvadika Desk
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35 साल की दुल्हन, 70 का दूल्हा (इमेज - Vocal TV)
Highlights
  • जौनपुर: 75 साल के संगरू ने 35 की मनभावती से की कोर्ट मैरिज!
  • मंदिर में सात फेरे, सुहागरात के बाद संगरू की अचानक मौत!
  • भतीजों ने मौत को संदिग्ध बताया, रुकवाया अंतिम संस्कार!

जौनपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कुछमुछ गांव में एक ऐसी घटना ने सभी को चौंका दिया, जो अब गलियों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बनी हुई है। 75 वर्षीय बुजुर्ग संगरू राम ने 35 साल की मनभावती के साथ कोर्ट मैरिज की और मंदिर में शादी की रस्में पूरी कीं। लेकिन सुहागरात की रात के बाद संगरू राम की अचानक तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। इस दुखद घटना ने न केवल गांव को स्तब्ध कर दिया, बल्कि संगरू के दिल्ली में रहने वाले भतीजों ने इसे संदिग्ध मानते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया। आइए जानते हैं इस अनोखी और दुखद प्रेम कहानी की पूरी सच्चाई।

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अकेलेपन से नई शुरुआत की उम्मीद

कुछमुछ गांव, जो गौरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र में पड़ता है, एक छोटा सा गांव है जहां संगरू राम अपनी सादगी भरी जिंदगी के लिए जाने जाते थे। 75 साल की उम्र में भी वे खेती-बाड़ी से अपना गुजारा करते थे। उनकी पहली पत्नी का एक साल पहले देहांत हो गया था, और कोई संतान न होने के कारण वे अकेले रह गए थे। उनके परिवार के बाकी लोग दिल्ली में कारोबार करते हैं, जिससे संगरू का गांव में कोई करीबी साथी नहीं था। लेकिन उनकी आंखों में जिंदगी के अनुभव और एक नई शुरुआत की चाहत साफ झलकती थी।

पिछले कुछ समय से संगरू गांव में दूसरी शादी की बातें करने लगे थे। जब यह खबर लोगों तक पहुंची, तो गांव वालों ने इस उम्र में शादी के फैसले पर हैरानी जताई। कई लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, यह कहते हुए कि इतनी उम्र में शादी जोखिम भरी हो सकती है। लेकिन संगरू ने किसी की सलाह नहीं मानी। उन्होंने जलालपुर क्षेत्र की 35 वर्षीय मनभावती को अपना जीवनसाथी चुना। मनभावती की भी यह दूसरी शादी थी, क्योंकि उनकी पहली शादी से दो बेटियां और एक बेटा है।

कोर्ट मैरिज से मंदिर तक: सपनों की शुरुआत

संगरू और मनभावती ने पहले कोर्ट मैरिज की, ताकि उनका रिश्ता कानूनी रूप से पक्का हो। इसके बाद सोमवार को दोनों ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों से शादी की रस्में पूरी कीं। फूलों की माला पहनकर दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा और नए जीवन की शुरुआत का वादा किया। गांव वालों के मुताबिक, संगरू ने मनभावती से कहा, “तुम बस मेरा घर संभाल लो, तुम्हारे बच्चों की जिम्मेदारी मैं उठाऊंगा।” यह पल दोनों के लिए सपनों से भरा था। मनभावती ने बाद में बताया कि शादी के बाद रात भर दोनों ने भविष्य की योजनाओं और सपनों पर बात की।

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सुहागरात के बाद त्रासदी: अचानक मौत ने मचाया हड़कंप

लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिकी। मंगलवार की सुबह संगरू राम की तबीयत अचानक बिगड़ गई। मनभावती और पड़ोसियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर ने गांव में हड़कंप मचा दिया। लोग हैरान थे कि एक रात पहले शादी का जश्न मना रहे बुजुर्ग की अचानक मौत कैसे हो सकती है। कुछ लोग इसे उम्र का तकाजा मान रहे थे, तो कुछ को इस घटना में कुछ संदिग्ध लगा।

संगरू की मौत की खबर उनके दिल्ली में रहने वाले भतीजों तक पहुंची। उन्होंने तुरंत गांव संपर्क किया और अंतिम संस्कार पर रोक लगा दी। उनका कहना था कि वे जौनपुर पहुंचकर मामले की पूरी पड़ताल करना चाहते हैं। भतीजों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की है।

पुलिस और पोस्टमार्टम पर सस्पेंस

संगरू की मौत के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे हार्ट अटैक या उम्र से जुड़ी बीमारी मान रहे हैं, तो कुछ इस उम्र में शादी और सुहागरात को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इस मामले की जांच करेगी और पोस्टमार्टम होगा या नहीं। गौरा बादशाहपुर थाना पुलिस ने अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, भतीजों के आने और उनकी शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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मनभावती इस घटना से सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि संगरू के साथ बिताए पल उनकी जिंदगी का खूबसूरत हिस्सा थे, लेकिन अब वह अकेले बच्चों की जिम्मेदारी संभालने के लिए चिंतित हैं। गांव में कुछ लोग मनभावती के प्रति सहानुभूति जता रहे हैं, तो कुछ उम्र के फासले और दूसरी शादी को लेकर अटकलें लगा रहे हैं।

सामाजिक चर्चा: प्यार, उम्र और संदेह की कहानी

यह घटना न केवल जौनपुर बल्कि आसपास के इलाकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या इतनी उम्र में शादी का फैसला सही था। कुछ लोग संगरू की हिम्मत की तारीफ कर रहे हैं, जो अकेलेपन से जूझते हुए नई शुरुआत करना चाहते थे। लेकिन भतीजों का अंतिम संस्कार रोकना और संदेह जताना इस कहानी को रहस्यमयी बना रहा है।

पुलिस और प्रशासन इस मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए सतर्कता बरत रहे हैं। अगर पोस्टमार्टम होता है, तो संगरू की मौत का सही कारण सामने आ सकता है। फिलहाल, गांव की तंग गलियों में इस प्रेम, शादी और दुखद अंत की कहानी हर जुबान पर है। सभी की नजरें अब भतीजों की शिकायत और पुलिस की जांच पर टिकी हैं। यह कहानी एक बार फिर साबित करती है कि प्यार और जिंदगी के फैसले हमेशा आसान नहीं होते।

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