लखनऊ/फरीदाबाद, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से लेकर दिल्ली के रेड फोर्ट तक की घटनाओं ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसका केंद्र बिंदु जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का एक खतरनाक विंग है। इस नेटवर्क में ‘व्हाइट कॉलर’ पेशेवरों का इस्तेमाल हो रहा था, और सबसे चौंकाने वाला खुलासा लखनऊ की महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद का नाम है। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, शाहीन को भारत में JeM की महिला आतंकी विंग ‘जमात उल-मोमिनात’ (Jamaat-ul-Mominat) की कमान सौंपी गई थी। वह महिलाओं को रेडिकलाइज करने और भर्ती करने की जिम्मेदारी निभा रही थी। फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम विस्फोटकों की बरामदगी और दिल्ली में कार ब्लास्ट के बाद उसकी गिरफ्तारी ने पूरे मॉड्यूल को उजागर कर दिया। आइए जानते हैं इस डॉक्टर की पूरी कहानी, जो एक सामान्य चेहरे के पीछे छिपे खतरनाक चेहरे की मिसाल है।
फरीदाबाद से शुरू हुई जांच, विस्फोटक और हथियारों का जखीरा
सब कुछ की शुरुआत 4 नवंबर 2025 को फरीदाबाद के धौज और फतेहपुर तागा गांवों से हुई। जम्मू-कश्मीर पुलिस, हरियाणा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त टीम ने एक किराए के फ्लैट पर छापा मारा। वहां से 2,900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए। इसके अलावा एक AK-47 राइफल (तीन मैगजीन के साथ), 83 लाइव राउंड, एक पिस्तौल (आठ कारतूस के साथ), दो खाली कारतूस, दो अतिरिक्त मैगजीन, 12 सूटकेस, 20 टाइमर, चार बैटरी, रिमोट कंट्रोल, 5 किलोग्राम भारी धातु और वॉकी-टॉकी सेट भी मिला। पुलिस का मानना है कि ये सामग्री दिल्ली-एनसीआर में बड़े आतंकी हमलों के लिए तैयार की जा रही थी। उसी शाम दिल्ली में एक कार ब्लास्ट हुआ, जो इस मॉड्यूल से जुड़ा माना जा रहा है।
इस छापेमारी में मुख्य आरोपी कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल गनई उर्फ मुसैब (पुलवामा के कोइल गांव का निवासी) था। वह फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था। मुजम्मिल को श्रीनगर में JeM के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में वांछित घोषित किया गया था। उसके दो किराए के कमरों से 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और हथियार बरामद हुए। पूछताछ में मुजम्मिल ने खुलासा किया कि वह 2021 से डॉक्टरों के नेटवर्क के जरिए रेडिकलाइजेशन कर रहा था। उसके हैंडलर श्रीनगर का डॉक्टर ओमर उर्फ हाशिम था।
शाहीन शाहिद: लखनऊ की डॉक्टर, JeM की महिला विंग की ‘मास्टरमाइंड’
मुजम्मिल की पूछताछ से ही लखनऊ की डॉक्टर शाहीन शाहिद का नाम सामने आया। 10 नवंबर 2025 को जे-के पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर श्रीनगर ले जाकर हिरासत में लिया। शाहीन लाल बाग इलाके की रहने वाली है और अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी हुई है। पुलिस ने बताया कि मुजम्मिल का शाहीन से गहरा रिश्ता था। जांच में पता चला कि AK-47, पिस्तौल और गोला-बारूद रखने वाली मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार (HR-51 नंबर) शाहीन के नाम पर रजिस्टर्ड थी। यह कार मुजम्मिल को बेची गई थी, लेकिन हथियार इसी से जुड़े थे।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने रिपोर्ट किया कि शाहीन को JeM ने भारत में महिलाओं की आतंकी फौज खड़ी करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। पाकिस्तान के बहावलपुर में 8 अक्टूबर 2025 को JeM ने ‘जमात उल-मोमिनात’ नामक विंग का ऐलान किया, जिसकी भारत कमान शाहीन को मिली। यह विंग महिलाओं को रेडिकलाइज करने और भर्ती करने पर फोकस करता है। शाहीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन, मैसेज और कॉन्टैक्ट्स की जांच कर रही है। संदेह है कि वह खुद विस्फोटक ट्रांसपोर्ट करती थी या लॉजिस्टिक सपोर्ट देती थी।
जैश का महिला विंग: सादिया अजहर की कमान में वैश्विक साजिश
शाहीन की कहानी JeM के बड़े प्लान से जुड़ी है। जैश ने महिलाओं को आतंक की राह पर लाने के लिए ‘जमात उल-मोमिनात’ बनाया, जिसका नेतृत्व JeM प्रमुख मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर कर रही है। सादिया के पति यूसुफ अजहर को 2019 के ऑपरेशन सिंदूर (बालाकोट एयर स्ट्राइक) में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी पंजाब में मार गिराया था। यूसुफ कंधार हाईजैक कांड (1999) में शामिल था। अब सादिया बदले की आग में जल रही है और महिलाओं के जरिए भारत में नेटवर्क फैला रही है। JeM और ISIS से जुड़े Ansar Ghazwat-ul-Hind (AGuH) के साथ मिलकर यह ‘व्हाइट कॉलर’ नेटवर्क डॉक्टरों जैसे पेशेवरों का इस्तेमाल कर रहा है।
बड़े दबाव में मॉड्यूल: 8 गिरफ्तारियां, दिल्ली-NCR पर खतरा टला
इस ऑपरेशन में 15 दिनों की मेहनत के बाद 8 लोग गिरफ्तार हुए, जिनमें तीन डॉक्टर शामिल हैं। कश्मीर से अरिफ निसार दार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ, मकसूद अहमद दार उर्फ शाहिद (श्रीनगर), मौलवी इरफान अहमद (शोपियां), जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा (गांदरबल), डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई (पुलवामा), डॉ. अदील (कुलगाम) और डॉ. शाहीन (लखनऊ)। पकड़े गए विस्फोटक दिल्ली-एनसीआर में बड़े हमलों के लिए थे। रेड फोर्ट के पास कार ब्लास्ट इसी मॉड्यूल का हिस्सा माना जा रहा है।
जांच जारी, डॉक्टर नेटवर्क की पड़ताल
पुलिस अब शाहीन और मुजम्मिल के जरिए 2021 से चल रहे रेडिकलाइजेशन नेटवर्क की गहराई में उतर रही है। कश्मीर के कई मेडिकल प्रोफेशनल्स पर शक है। JeM के हैंडलर्स की तलाश तेज है। यह गिरफ्तारी भारत में महिलाओं को आतंक की ओर मोड़ने की साजिश को विफल करने की बड़ी सफलता है। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं कि ऐसे ‘सॉफ्ट टारगेट’ नेटवर्क को पूरी तरह कुचला जाए। शाहीन की कहानी साबित करती है कि खतरा कभी-कभी सबसे अप्रत्याशित चेहरों से आता है।
(ये जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।)

