रामपुर: आजम परिवार का जौहर ट्रस्ट से किनारा? खबरों पर वीसी ने कहा – भ्रामक जानकारी, कोई बदलाव नहीं हुआ

Rampur News: रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से आजम खां परिवार (आजम, अब्दुल्ला आजम, तजीन फात्मा) के अलग होने की खबरें वायरल हुईं। दावा था कि निकहत अफलाक और अदीब आजम को जिम्मेदारी मिली है। लेकिन जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. जहीरउद्दीन ने इन खबरों को भ्रामक बताया और स्पष्ट किया कि आजम खां अभी भी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, कोई बदलाव नहीं हुआ। दो पैन कार्ड केस में अपील की सुनवाई 27 जनवरी को होगी।

Samvadika Desk
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Highlights
  • आजम परिवार ने जौहर ट्रस्ट से लिया किनारा? खबर वायरल!
  • निकहत अफलाक और अदीब आजम को जिम्मेदारी? अफवाह!
  • रामपुर सियासत में नया मोड़, परिवार में कलह की चर्चा!

रामपुर, उत्तर प्रदेश: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और रामपुर के दिग्गज नेता आजम खां के परिवार के मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से अलग होने की खबरों ने रामपुर में हलचल मचा दी है। खबरों के मुताबिक, आजम खां, उनके छोटे बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम तथा पत्नी व पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा ने ट्रस्ट से खुद को अलग कर लिया है। दावा किया जा रहा था कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी अब आजम की बहन निकहत अफलाक को सौंपी गई है, जबकि बड़े बेटे अदीब आजम को सचिव बनाया गया है। लेकिन जौहर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. जहीरउद्दीन ने इन खबरों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।

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प्रो. जहीरउद्दीन ने स्पष्ट किया कि अभी भी आजम खां ही ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। ट्रस्ट में कोई भी परिवर्तन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जो भी जानकारी सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलाई जा रही है, वह बेबुनियाद है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूल संचालित हो रहे हैं। ट्रस्ट में आजम खां अध्यक्ष, उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा सचिव और दोनों बेटे अदीब आजम व अब्दुल्ला आजम सदस्य हैं।

दो पैन कार्ड मामले में अपील पर 27 जनवरी को सुनवाई

इस बीच, दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की अपील पर सुनवाई नहीं हो सकी। सपा नेता आजम खां और अब्दुल्ला आजम को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सात साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बचाव पक्ष ने सजा के खिलाफ और अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की अपील एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में दायर की थी। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। अब अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी।

ट्रस्ट और परिवार में क्या चल रहा है?

ट्रस्ट से अलग होने की खबरों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। कुछ लोग इसे परिवार में आंतरिक कलह से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे कानूनी और प्रशासनिक दबाव से जोड़कर देख रहे हैं। वीसी प्रो. जहीरउद्दीन ने स्पष्ट किया है कि ट्रस्ट में कोई बदलाव नहीं हुआ है और आजम खां अभी भी अध्यक्ष हैं। जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूलों का संचालन भी पहले की तरह जारी है।

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यह मामला रामपुर की सियासत में नया मोड़ ला सकता है। आजम खां और उनके परिवार की राजनीतिक गतिविधियां हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। ट्रस्ट से जुड़ी खबरों पर अभी और स्पष्टता आने वाली है। फिलहाल वीसी का बयान साफ है – कोई बदलाव नहीं हुआ, खबरें भ्रामक हैं।

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