नई दिल्ली: सिंधु जल संधि को पाकिस्तान के साथ सस्पेंड करने के बाद मोदी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया है। रक्षा खरीद परिषद (DAC) की बैठक में रूस से S-400 ट्रायम्फ मिसाइल सिस्टम के लिए 288 नई मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दे दी गई है। इस डील की कुल लागत करीब 10,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, यह खरीद फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया से की जाएगी, ताकि जल्द से जल्द स्टॉक पूरा हो सके।
ऑपरेशन सिंदूर ने खाली कर दिया था स्टॉक
बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी विमानों और ठिकानों पर जबरदस्त प्रभाव दिखाया था। इस ऑपरेशन में कई मिसाइलें दागी गईं, जिससे S-400 के स्टॉक में कमी आ गई। सेना अब इस कमी को पूरा करना चाहती है। इसी वजह से 288 नई मिसाइलों की खरीद को प्राथमिकता दी गई है। इनमें शामिल होंगी:
- 120 शॉर्ट रेंज मिसाइलें
- 168 लॉन्ग रेंज मिसाइलें
ये मिसाइलें 40 किमी से लेकर 400 किमी तक की रेंज वाली सरफेस-टू-एयर मिसाइलें होंगी। ऑपरेशन सिंदूर में S-400 ने 314 किमी दूर तक हमला कर पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया था। इस कारण पाकिस्तान को रावलपिंडी से अपना एयरबेस शिफ्ट करना पड़ा था।
S-400 के 5 और स्क्वाड्रन की तैयारी
भारतीय सेना S-400 की सफलता से इतनी उत्साहित है कि अब रूस से 5 और स्क्वाड्रन खरीदने की मांग कर रही है। इसके अलावा पैंटसर शॉर्ट रेंज सिस्टम भी खरीदने की योजना है। अगर यह सौदा पूरा होता है, तो भारत के पास कुल 10 स्क्वाड्रन S-400 होंगे। इससे पूरा देश एक मजबूत एयर डिफेंस किले में तब्दील हो जाएगा। S-400 और पैंटसर मिलकर दो स्तरीय डिफेंस सिस्टम बनाएंगे, जिसमें पैंटसर कमिकाजे ड्रोन और छोटे खतरे से बचाव करेगा।
DAC की बैठक में कई बड़े फैसले
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई DAC बैठक में कुल 3.60 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें शामिल हैं:
- फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा
- अमेरिका से 6 P-8I टोही विमानों की खरीद (लगभग 30,000 करोड़ रुपये)
- S-400 के लिए 288 मिसाइलों की खरीद
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब इस साल जून और नवंबर में रूस से S-400 के दो बचे हुए स्क्वाड्रन भारत पहुंचने वाले हैं।
पाकिस्तान पर क्या असर पड़ेगा?
S-400 सिस्टम पहले से ही पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर में इसकी ताकत देखकर पाकिस्तान को अपनी एयर स्ट्रैटेजी बदलनी पड़ी थी। अब 288 नई मिसाइलों के आने से भारत की एयर डिफेंस क्षमता और मजबूत हो जाएगी। पाकिस्तान के लिए यह 288 वोल्ट का झटका साबित होगा, क्योंकि भारत की हवाई रक्षा अब और घातक हो जाएगी।
यह डील भारत की रक्षा नीति की मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और मजबूत कदम है। आने वाले समय में S-400 के और स्क्वाड्रन आने से देश की सीमाएं और सुरक्षित हो जाएंगी।

